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प्रेस विज्ञप्ति3/11/2024

आरजेएस पीबीएच द्वारा दैनिक साईं मीडिया के सहयोग से बायोस्फीयर रिजर्व दिवस मनाया गया ।

आरजेएशिएन्स द्वारा पर्यावरण संरक्षण के लिए बलिदान माता अमृता देवी विश्नोई को श्रद्धांजलि दी गई 
नई दिल्ली। प्रकृति,पर्यावरण जैव-विविधता और जल-जंगल-जमीन और पहाड़ के संरक्षण के लिए 
यूनेस्को द्वारा घोषित तीन नवंबर 2024 को अंतर्राष्ट्रीय बायोस्फीयर रिजर्व दिवस मनाया गया।
कार्यक्रम में पर्यावरणविदों ने बताया कि बायोस्फियर रिज़र्व सतत विकास के प्रेरक स्थान होते हैं । इसके अंतर्गत स्थलीय ,समुद्रीय और तटीय पारिस्थितिकी तंत्र और जैव विविधता के संरक्षण को भी शामिल किया जाता है ।राम-जानकी संस्थान पाॅजिटिव ब्राॅडकास्टिंग हाउस (आरजेएस पीबीएच) के संस्थापक व राष्ट्रीय संयोजक उदय कुमार मन्ना 
के संयोजन और संचालन में दैनिक साईं मीडिया के सहयोग से अंतर्राष्ट्रीय बायोस्फीयर रिजर्व दिवस तीन नवंबर 2024 को मनाया गया। सह-आयोजक साईं मीडिया के संस्थापक व संपादक पीतम सिंह ने मुख्य अतिथि आहर पाइन बचाओ अभियान के संयोजक मुनीश्वर प्रसाद सिन्हा और अतिथि वक्ता दिल्ली विश्वविद्यालय के फिल्ड बायोलॉजिस्ट दिबानिक मुखर्जी और हरमीक सिंह का स्वागत करते हुए कहा कि इस दिवस की स्थापना बायोस्फीयर रिजर्व की भूमिका को बढ़ावा देने,सतत विकास और इन क्षेत्रों में और इसके आसपास रहने वाले समुदायों की भलाई के लिए की गई थी।
पर्यावरण संरक्षण के लिए 12 सितंबर 1730 में खेजड़ली गांव की माता अमृता देवी विश्नोई को पर्यावरणविद् आरके विश्नोई ने आरजेएस पीबीएच परिवार की ओर से श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि विश्नोई समाज पशुओं, जीव-जंतुओं और पेड़ों की रक्षा करने के लिए जाम्भोजी महाराज के नियमों का पालन करते हैं।
श्री मुनीश्वर प्रसाद सिन्हा ने कहा कि गोवर्धन, पूजा, दावात पूजा, सरस्वती पूजा और महापर्व छठ पूजा आदि सभी प्रकृति पूजा और संरक्षण से जुड़े पर्व- त्यौहार हैं। बीते जमाने का ढोलहा पीटना जल चौपाल की याद दिलाता है, जिसमें चर्चा होती थी कि जलस्रोतों को कैसे बचाना है। उन्होंने आहर पाइन बचाओ अभियान और श्रमदान प्रथा से युवाओं को जोड़कर पर्यावरण संरक्षण का प्रयोग और प्रयास किया।
श्री दिबानिक मुखर्जी ने कहा कि बायोस्फीयर रिजर्व,जैव विविधता हॉटस्पॉट की रक्षा करने और संधारणीय संसाधन उपयोग को बढ़ावा देने के लिए नामित क्षेत्र हैं। 
विभिन्न पारिस्थितिकी प्रणालियों का अनुभव करने और आर्द्रभूमि, रेंजलैंड और विविध प्रजातियों को आकर्षित करने के माध्यम से जैव विविधता के प्रबंधन के बारे में जानने के लिए बायोस्फीयर रिजर्व का दौरा करने का प्रस्ताव दिया है, जो अनिवार्य रूप से यमुना नदी के किनारे एक मिनी बायोस्फीयर रिजर्व बना रहा है।
श्री हरमीक सिंह जैव विविधता की अवधारणा को समझाते हैं, जिसमें मनुष्यों के बीच आनुवंशिक विविधता और पौधों और जानवरों में परिवर्तनशीलता शामिल है। वह पूरी आबादी पर बीमारियों या संक्रमण के प्रभाव को रोकने के लिए जैव विविधता को बनाए रखने के महत्व पर प्रकाश डालते हैं। उदय मन्ना ने जैव विविधता पार्कों पर चर्चा को केंद्रित करने और आरजेएस जैसे सकारात्मक मीडिया को शामिल करने का सुझाव दिया।
बैठक में बायोस्फीयर रिजर्व की अवधारणा, स्वदेशी ज्ञान और संस्कृति को संरक्षित करने के महत्व, तथा कार्बन उत्सर्जन को कम करने और वनों की रक्षा के लिए जन जागरूकता और व्यक्तिगत प्रयासों की आवश्यकता पर ध्यान केंद्रित किया गया। चर्चा में जैव विविधता को बनाए रखने, संरक्षण प्रयासों और क्षेत्र में सतत विकास के महत्व को भी शामिल किया गया, साथ ही पर्यावरण जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए एक राष्ट्रव्यापी नेटवर्क बनाने की योजना भी शामिल की गई। 

आकांक्षा 
हेड‌ क्रिएटिव टीम 
आरजेएस पीबीएच 
8368626368

 

















प्रेस विज्ञप्ति29/10/2024

 एकता दिवस व दीप पर्व के आरंभ पर आईएएस गांव में आरजेएस पीबीएच का 277 वां सेमिनार आयोजित हुआ।

उच्च परीक्षा पर आईएएस गांव में आयोजित सेमिनार में आरजेएस पीबीएच के न्यूज लेटर का विमोचन और सर्टिफिकेट वितरण हुआ।

नई दिल्ली - राष्ट्रीय एकता दिवस और दीप पर्व के प्रारंभ पर स्वास्थ्य के देवता भगवान धन्वंतरि जयंती पर युवा सशक्तिकरण और सकारात्मक शिक्षा के महत्व पर केंद्रित एक व्यापक कार्यक्रम का आयोजन आईएएस गांव मुख्यालय ,ओल्ड राजेन्द्र नगर , नई दिल्ली के सहयोग से राम जानकी संस्थान पॉजिटिव ब्रॉडकास्टिंग हाउस (आरजेएस पीबीएच) द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य भारत के शैक्षिक परिदृश्य को मजबूत करने और युवाओं को भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के लिए तैयार करना था, खासकर देश के 2047 के विकास लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि राष्ट्र भाषा समिति, भारत सरकार के सदस्य डा. हरिसिंह पाल , विशिष्ट अतिथि लेखक व प्रोफेसर डा.विजय वर्मा, पूर्व सिविल सर्वेंट (आईआरएस)मुख्य वक्ता जितेन्द्र सिंह, कार्यक्रम संचालक और हेड आइएएस गांव अंजलि बसेर और आयोजक उदय कुमार मन्ना आदि ने आरजेएस पीबीएच के अतिथि संपादक राजेंद्र सिंह कुशवाहा की उपस्थिति में बाईस पेज का न्यूज लेटर अक्टूबर अंक का लोकार्पण किया । साईं मीडिया के संपादक पीतम सिंह और एडवोकेट सुदीप साहू को आरजेएस पीबीएच का सर्टिफिकेट ऑफ एप्रिसिएशन प्रदान किया गया और उनके उज्जवल भविष्य की कल्पना की गई।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए अंजलि बसेर हेड आईएएस गांव ने कहा कि नई शिक्षा नीति विद्यार्थियों को प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी के लिए गाइडलाइन है उन्होंने कहा कि जी कैट एसएससी या यूपीएससी का कोई भी परीक्षा ददें , इंग्लिश मैथ और जीके पूछा ही जाएगा।
"उच्च परीक्षाओं और जीवन में अपनी भूमिका के लिए खुद को कैसे सक्षम बनाएं" विषय पर केंद्रित इस कार्यक्रम में छात्रों, शिक्षकों और प्रशासनिक अधिकारियों सहित विविध पृष्ठभूमि के लोग शामिल हुए। कार्यक्रम में वक्ताओं ने अपनी विशेषज्ञता और अनुभव साझा करते हुए भारत में शिक्षा की वर्तमान स्थिति और भविष्य की दिशा पर विस्तृत चर्चा की।

सिविल सेवा के उम्मीदवारों का सशक्तिकरण विषय पर आईएएस गांव मुख्यालय के प्रबंध निदेशक श्री जितेन्द्र.के.पी. सिंह ने सिविल सेवा की तैयारी कर रहे छात्रों की विशेष आवश्यकताओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने मार्गदर्शन कार्यक्रम, रणनीतिक सहायता, और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के लिए आईएएस गांव की प्रतिबद्धता दोहराई। श्री सिंह ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में मौजूद चुनौतियों, जैसे आर्थिक बाधाएं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुँच का अभाव, और सोशल मीडिया का व्यापक प्रभाव, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों के लिए, को स्वीकार किया। उन्होंने इन अंतरालों को पाटने और सभी के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए नए समाधानों की आवश्यकता पर बल दिया।

सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन का एक दशक: आरजेएस पीबीएच न्यूज लेटर के अतिथि संपादक श्री राजेंद्र कुशवाहा ने शिक्षा और मीडिया के माध्यम से सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन को बढ़ावा देने के लिए संगठन के एक दशक लंबे प्रयासों पर प्रकाश डाला। उन्होंने आरजेएस पीबीएच के प्रकाशनों, मासिक न्यूज़लेटर और द्विवार्षिक ग्रंथ, जिसमें संगठन की गतिविधियों और प्रभाव का दस्तावेजीकरण किया गया है, को प्रदर्शित किया। उन्होंने बताया कि ये प्रकाशन सकारात्मक मूल्यों को बढ़ावा देने और कार्रवाई को प्रेरित करने के लिए आरजेएस पीबीएच के निरंतर प्रयासों का प्रमाण हैं।

वैश्वीकृत दुनिया के लिए समग्र शिक्षा: आरजेएस पीबीएच के संस्थापक श्री उदय कुमार मन्ना ने समग्र शिक्षा के अपने दर्शन को स्पष्ट किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा केवल ज्ञान प्राप्त करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसमें मूल्यों, नैतिक जिम्मेदारी और वैश्विक दृष्टिकोण का विकास भी शामिल होना चाहिए। उन्होंने इस दृष्टिकोण को भारत के प्राचीन दार्शनिक सिद्धांत "वसुधैव कुटुम्बकम" ( दुनिया एक परिवार है) से जोड़ा, सभी प्राणियों की परस्पर संबद्धता और सार्वभौमिक कल्याण को बढ़ावा देने के महत्व पर बल दिया। उन्होंने 
दीप पर्व पर धनतेरस को भगवान धन्वंतरि जयंती को  बर्तन  की खरीददारी के साथ स्वास्थ्य से भी जोड़ा।
उन्होंने विद्यार्थियों से सरदार पटेल के राष्ट्रीय एकता सूत्र और मूल मंत्र को आत्मसात करने के लिए कहा। आईएएस गांव मुख्यालय को आरजेएस पीबीएच के आगामी गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में  प्रवासी और अंतरदेशीय आरजेएशिएन्स सम्मेलन में आमंत्रित किया।

मानसिकता की शक्ति: कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर विजय वर्मा ने मानसिकता की परिवर्तनकारी शक्ति पर एक प्रभावशाली भाषण दिया। शिक्षण और छात्रों के मार्गदर्शन में अपने व्यापक अनुभव के आधार पर, प्रोफेसर वर्मा ने बाधाओं पर काबू पाने और अपनी पूरी क्षमता हासिल करने में आंतरिक प्रेरणा और दृढ़ संकल्प की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने सकारात्मक और दृढ़ मानसिकता की शक्ति को दर्शाने के लिए विकलांग पर्वतारोही अरुणिमा सिन्हा जैसी प्रेरक उदाहरणों का उल्लेख किया।

भाषा, साक्षरता, और राष्ट्रीय एकता: संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार की हिंदी सलाहकार समिति के सदस्य डॉ. हरि सिंह पाल ने अपनी प्रेरणादायक व्यक्तिगत यात्रा को साझा किया, जिसमें उन्होंने एक छोटे से गाँव से लेकर शिक्षा और सरकारी सेवा में एक विशिष्ट करियर तक के अपने सफर का वर्णन किया। उन्होंने आकाशवाणी और देवनागरी लिपि को बढ़ावा देने में अपनी वर्तमान भूमिका के अनुभव के आधार पर भाषा, साक्षरता और राष्ट्रीय एकता की परस्पर संबद्धता पर जोर दिया। उन्होंने छात्रों को सीखने के लिए एक बहु-विषयक दृष्टिकोण अपनाने, विभिन्न विषयों की खोज करने और दुनिया के बारे में अपनी समझ को व्यापक बनाने के लिए विभिन्न प्रकार के मीडिया से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया।

चुनौतियों का सामना, शिक्षकों का सशक्तिकरण: कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा एक प्रश्नोत्तर सत्र के लिए समर्पित था, जिसमें उपस्थित लोगों को वक्ताओं के साथ सीधे संवाद करने का अवसर मिला। प्रश्नों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुँच में सुधार, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में, और छात्रों के बीच मोबाइल फ़ोन की लत जैसी चुनौतियों का समाधान करने जैसे मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया गया. प्रोफेसर वर्मा ने युवा दिमागों को आकार देने और सकारात्मक शिक्षण वातावरण बनाने में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका पर बहुमूल्य अंतर्दृष्टि प्रदान की. उन्होंने छात्रों के विकास पर शिक्षक के शब्दों और कार्यों के स्थायी प्रभाव पर जोर दिया और शिक्षकों को अपने गहरे प्रभाव को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया.

भविष्य की योजनाएं: कार्यक्रम का समापन आरजेएस पीबीएच की आगामी पहलों की घोषणा के साथ हुआ, जिसमें सार्वभौमिक भाईचारे को बढ़ावा देने और संगठन के चल रहे कार्यों का दस्तावेजीकरण करने वाले नए प्रकाशनों को जारी करने पर केंद्रित कार्यक्रम शामिल हैं. आयोजकों ने शिक्षा के माध्यम से सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन को बढ़ावा देने और एक उज्जवल भविष्य के निर्माण के लिए भारत के युवाओं को सशक्त बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई. दिवाली की शुभकामनाओं के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ, जो चर्चाओं में व्याप्त सकारात्मकता और आशा की भावना को रेखांकित करता है.

हेड क्रिएटिव टीम 
आरजेएस पीबीएच 
8368626368

 









प्रेस विज्ञप्ति 27/10/2024

आरजेएस पीबीएच ने "बच्चों के खिलौने कितने सुरक्षित"?पर कार्यक्रम किया 

भगवान धन्वंतरि व स्वतंत्रता सेनानी कमलादेवी चट्टोपाध्याय को आरजेसियंस ने दी श्रद्धांजलि 

प्रवासी आरजेएशिएन्स सम्मेलन 15 व 19 जनवरी 2025 को दिल्ली में आयोजित होगा।

नई दिल्ली। बच्चों के लिए सुरक्षित खिलौनों की चिंता करते हुए राम-जानकी संस्थान पाॅजिटिव ब्राॅडकास्टिंग हाउस स्टूडियोज,नई दिल्ली द्वारा  कंज्यूमर ऑनलाइन फाउंडेशन के सहयोग से अमृत काल का सकारात्मक भारत-उदय का दो सौ छिहतरवां कार्यक्रम  उदय कुमार मन्ना संस्थापक  के संयोजन में आयोजित किया गया । वेबिनार में देश-विदेश से रिकॉर्ड उपस्थिति रही। श्री मन्ना ने 
आयुर्वेद के देवता भगवान धन्वंतरि व स्वतंत्रता सेनानी कमलादेवी चट्टोपाध्याय को  श्रद्धांजलि दी। उन्होंने आगामी 29 अक्टूबर को आईएएस गांव मुख्यालय,दिल्ली में शैक्षणिक सेमिनार आयोजित करने की जानकारी दी । साथ ही कहा कि अगले साल 15 और 19 जनवरी 2025 को प्रवासी आरजेएशिएन्स सम्मेलन का आयोजन दिल्ली में किया जाएगा।
सह-आयोजक प्रफुल्ल डी शेठ , वाइस चेयरमैन पीएसएआईआईएफ ने 
  खिलौनों के मुद्दे को बेहद संजीदगी से उठाया। उन्होंने कहा, "हम अपने बच्चों के लिए खिलौनों को कैसे सुरक्षित बना सकते हैं?" 
  द अवेयर कंज्यूमर के इस टाॅपिक को आरजेएस पीबीएच वेबिनार की परिचर्चा के माध्यम से आगे बढ़ाया जा रहा है
और  लगता है कि यह एक चिंगारी होगी। ये आरजेएस पाॅजिटिव मीडिया के यूट्यूब पर लाईव  प्रसारित किया गया। 
अध्यक्षता कर रहे इंटरनेशनल कंज्यूमर पाॅलिसी के विशेषज्ञ और कंज्यूमर ऑनलाइन फाउंडेशन के संस्थापक प्रो.बिजाॅन कुमार मिश्रा ने 
 सुरक्षा से संबंधित कई मुद्दों पर चर्चा की और संजीदगी से कार्यक्रम का संचालन किया। उन्होंने कहा कि खिलौनों की सुरक्षा की जागरूकता उपभोक्ताओं तक भी पहुंचना चाहिए । कार्यक्रम में मुख्य वक्ता भारत सरकार के ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (बीआईएस) में सहायक निदेशक वैज्ञानिक बी - रसुजीत चोंगर ने पीपीटी प्रेजेंटेशन और मुख्य अतिथि एमएसएमई मंत्रालय में  संयुक्त निदेशक डा. आरके भारती ने सुरक्षित खिलौने को लेकर प्रतिभागियों को जागरूक किया। भारत सरकार के दोनों अधिकारियों ने 
 खिलौनों के नुकीले किनारों, सामग्री के मानकों, हानिकारक रसायनों, नकली खिलौनों और सबसे महत्वपूर्ण रूप से इसके मनोवैज्ञानिक प्रभाव के बारे में बात की।  एक अच्छा सुझाव आया कि एक परीक्षण स्थापित किया जाए जो खिलौनों के मनोवैज्ञानिक प्रभाव के लिए भी पूर्व परीक्षण करेगा।
 हस्तनिर्मित खिलौनों, जैसे लकड़ी के खिलौनों के बारे में चर्चा की। जैसे कि एक समय में वे बहुत लोकप्रिय थे, और प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय योजना के तहत मेक इन इंडिया पहल के बारे में आह्वान किया था । यहां तक ​​कि उन्होंने एक ऐसे माहौल को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित किया जो इस खिलौना क्षेत्र के नवाचार और रचनात्मकता को पोषित करेगा।
खिलौनों की सुरक्षा मानकों के बारे में रसूजीत चोंगर  ने   सुंदर प्रस्तुति दी। सुरक्षा मानक और BIS से प्रमाणन, जिसमें उत्पाद डिजाइन, परीक्षण, उपयुक्तता और विभिन्न सुरक्षा जांच शामिल हैं, और सरकार इस बारे में क्या कर रही है, कौन से केंद्र स्थापित किए गए हैं, उनकी क्षमता क्या हैं, इत्यादि।
प्रश्नोत्तरी का कार्यक्रम भी बहुत ज्ञानवर्धक रहा।
एक सवाल अनियमित क्षेत्र के बारे में भी आया, जो मानकों से बचने वाले खिलौनों का प्रबंधन करता है। और हमने यह चिंता भी व्यक्त की क्योंकि, अगर हम वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं को देखें, तो वहां रिकॉल तंत्र उपभोक्ता तक पहुंचता है। अध्यक्षता कर रहे बिजाॅन कुमार मिश्रा ने भी इस बिंदु का उल्लेख किया, कि यह उपभोक्ता तक भी पहुंचना चाहिए। सभी पंचायत स्तरों के माध्यम से इसके बारे में जागरूकता पैदा की जानी चाहिए।
एमएएसई में संयुक्त निदेशक डा.आरके भारती ने कहा कि वे सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के क्षेत्र में उद्यमियों के विकास, उनकी कार्यशील पूंजी के आकलन और ऋण सीमा की मंजूरी दी जाती है।।  तो, यह एक महत्वपूर्ण बात हुई कि जहाँ उद्यमी, युवा, विशेष रूप से नए लोग, जो खिलौना निर्माण में उतरना चाहते हैं...
श्री रसूजीत एक जानकार अधिकारी के रूप में, बहुत अच्छी जानकारी दी। हालाँकि, यह भी ज़रूरी है... उन्हें अपने कार्यालय और अपने सहयोगियों को यह बताने की ज़रूरत है कि उपभोक्ता अधिक पारदर्शिता, जवाबदेही की अपेक्षा कर रहे हैं। इसलिए, उस क्षेत्र में कुछ करने की ज़रूरत है।
डॉ. रावत ने उपभोक्ताओं की ओर से परियोजनाएँ बढ़ाने का मुद्दा भी उठाया है, और रसूजीत जी ने भी उनके अनुरोध को स्वीकार कर लिया है।  बीआईएस जागरूकता बढ़ाने के लिए बीआईएस अनुमोदित खिलौनों को प्रदर्शित करने वाले खिलौना पुस्तकालयों की स्थापना पर विचार करेगा।

आकांक्षा 
हेड क्रिएटिव टीम 
आरजेएस पीबीएच 
8368626368

 









प्रेस विज्ञप्ति 26/10/2024


आरजेएस पीबीएच का प्रवासी भारतीय दिवस 15 व 19 जनवरी2025 को मनाया जाएगा 

नई दिल्ली। जनवरी 2025 के अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रम हमारे लिए  सकारात्मक भारत-उदय वैश्विक आंदोलन को विश्व भर में पहुंचाने का एक अवसर है।
 आरजेएस पीबीएच संस्थापक व राष्ट्रीय संयोजक उदय मन्ना के संयोजन में 25 अक्टूबर को आरजेएस पीबीएच अंतर्राष्ट्रीय आयोजन समिति की बैठक हुई ।इसमें दिल्ली में आरजेएस - एनआरआई मीडिया कांफ्रेंस 15 जनवरी 2025 को आयोजित करने और प्रवासी भारतीयों को सम्मानित करने का निर्णय लिया गया। बैठक में प्रोफेसर बिजाॅन कुमार मिश्रा,डा.हरिसिंह पाल ,  प्रफुल्ल डी शेठ,राजेंद्र सिंह कुशवाहा, सुरजीत सिंह दीदेवार, स्वीटी पॉल , सुदीप साहू, इशहाक खान और पीतम सिंह आदि शामिल हुए और कांफ्रेंस आयोजित करने पर विचार विमर्श हुआ । आरजेएस पीबीएच राष्ट्रीय आयोजन समिति की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि भारत सरकार का प्रवासी भारतीय सम्मेलन 8 से 10 जनवरी 2025 तक ओडिशा के भुवनेश्वर में होगा वहीं 76वें गणतंत्र दिवस और 18वें प्रवासी भारतीय दिवस 2025 के मद्देनजर आरजेएस पीबीएच की राष्ट्रीय आयोजन समिति  RJS-NRI कांफ्रेंस और ग्रंथ 04 के लोकार्पण का कार्यक्रम रविवार जनवरी 19, 2025  को सुबह 11 बजे से नई दिल्ली में करेगी। इस कार्यक्रम में 200 लोगों के मध्य 200 पृष्ठों का‌ अमृत काल का सकारात्मक भारत-उदय ग्रंथ 04 का लोकार्पण होगा।इसमें सभी आरजेसियंस से सहयोग करने और अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की गई।
सकारात्मक वर्ष 2024-25 में आरजेएस पीबीएच की ओर से नये नये प्रयोग और कार्य जारी हैं। राजेन्द्र सिंह कुशवाहा के सहयोग से महीने के अंतिम सप्ताह में नियमित न्यूज़ लेटर आपके हाथों में 29 अक्टूबर को आ जाएगा। चौधरी इंद्राज सिंह सैनी के सहयोग से  वेबसाइट www.rjspbh.com  की शुरुआत हो चुकी है।, नये को-ऑरगेनाइजर , उदय मन्नाज स्टूडियोज और पब्लिक एड्रेस सिस्टम, सर्टिफिकेट ऑफ अप्रिसिएशन आदि ये कुछ ऐसे बिन्दु हैं जो मैनिफेस्टो को लागू करने के प्रमाण हैं। ये आंदोलन 2047 तक निरंतर चलेगा ।
आप आरजेएस पीबीएच-आरजेएस पॉजिटिव मीडिया  परिवार का समर्थन कर सकते हैं, और उसका हिस्सा बन सकते हैं । 200 पृष्ठों की पुस्तक ग्रंथ04 के प्रकाशन की तैयारियां चल रही हैं।  ये मंच भारत और विश्व की भलाई चाहने वाले सभी लोगों के लिए खुला है ।
आरजेएस पीबीएच पॉजिटिव मीडिया परिवार आरजेसियंस लोगों के स्वैच्छिक समर्थन से ऊर्जा प्राप्त करते हुए, राष्ट्र प्रथम, भारत एक परिवार, विश्व एक घर की भावना से हमारे समाज में और अधिक सकारात्मकता पैदा करना चाहता है। आरजेएस पीबीएच दुनिया के अपने बहन और भाइयों और पृथ्वी के साथियों -जीव जंतुओं के साथ  राष्ट्रीय और वैश्विक सकारात्मक मीडिया संवाद आयोजित करने की इच्छा रखता है।

 आरजेएस पीबीएच, जिसका उद्देश्य समकालीन मानवता और बायोस्फीयर का सामना करने वाले जटिल सवालों पर सकारात्मक प्रकाश का एक वैकल्पिक सकारात्मक मीडिया बनना है। आप दुनिया में कहीं भी हों,  इस महान दृष्टिकोण को साकार करने में अपनी सकारात्मक भूमिका निभाने के लिए इसी क्षण से जुड़ें - वसुधैव कुटुम्बकम्

आकांक्षा 
हेड क्रिएटिव टीम आरजेएस पीबीएच 
8368626368









 प्रेस विज्ञप्ति 15/10/2024

विश्व मानक दिवस पर आरजेएस पीबीएच कार्यक्रम माता रामरती देवी मंदिर के सहयोग से संपन्न 

नई दिल्ली। राम जानकी संस्थान पॉजिटिव ब्रॉडकास्टिंग हाउस (आरजेएस पीबीएच) और आरजेएस पॉजिटिव मीडिया द्वारा माता राम रती देवी मंदिर कृषक प्रयोगशाला और कृषक पर्यटन स्थल के संस्थापक राजेन्द्र सिंह कुशवाहा के सहयोग से संस्थापक व राष्ट्रीय संयोजक उदय मन्ना के संयोजन व संचालन में 
विश्व मानक दिवस 2024 का आयोजन किया गया।
इस साल 2024 की थीम "बेहतर दुनिया के लिए साझा दृष्टिकोण पर केंद्रित है, जिसमें प्रभावी मानकों के ज़रिए स्वास्थ्य और कल्याण के मुद्दों को संबोधित किया गया।"
कार्यक्रम के आरंभ में विश्व मानक दिवस 2024 पर 
केंद्रीय मंत्री उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण और  नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा प्रह्लाद जोशी की विडियो के संपादित अंश सुनवाए गए।
 उन्होंने कहा कि 
आज 22,300 से अधिक मानक लागू हैं और 94 प्रतिशत भारतीय मानकों को आईएसओ और आईएसई मानकों के साथ सुसंगत बनाया जा रहा है। 
कार्यक्रम के सह-आयोजक राजेन्द्र सिंह कुशवाहा ने सभी अतिथियों प्रो.बिजाॅन कुमार मिश्रा, अंतर्राष्ट्रीय कंज्यूमर नीति विशेषज्ञ,डा.प्रसन्ना कुमार, प्राध्यापक (निफ्टेम)व कृषि एवं पर्यावरण विज्ञान विभाग, खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय, भारत सरकार,डा.आर के‌ भारती, संयुक्त निदेशक एमएसएमई डीएफओ, एमएसएमई मंत्रालय, भारत सरकार और रजनीश गोयनका चेयरमैन एमएसएमई डेवलपमेंट फोरम का स्वागत किया।
वेबिनार में व्यापार, आर्थिक विकास और उत्पाद विश्वसनीयता में मानकों के महत्व पर ध्यान केंद्रित किया गया, जिसमें भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) की भूमिका और बीआईएस अधिनियम, 2016 के कार्यान्वयन पर चर्चा की गई। विनिर्माण में गुणवत्ता मानकों के महत्व और वैश्विक स्तर पर उच्च गुणवत्ता वाली दवाओं की आपूर्ति करने के लिए भारतीय लघु और मध्यम आकार के उद्यमों (एसएमई) की क्षमता पर भी जोर दिया गया। अंत में, बैठक में निफ्टम में खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता कार्यक्रम, आलू उत्पादों में मूल्य संवर्धन की संभावना और छोटे और सूक्ष्म व्यवसायों को बढ़ावा देने के लिए सरकारी वित्तपोषण की आवश्यकता पर भी चर्चा की गई।
 निफ्टम में खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता कार्यक्रम पर चर्चा हुई, जिसमें बी.टेक, एम.टेक, पीएचडी और एमबीए प्रशिक्षण, इनक्यूबेशन और उद्यमिता शामिल है। कार्यक्रम के सतत विकास पर ध्यान केंद्रित करने पर प्रकाश डाला, विशेष रूप से लक्ष्य 9, जिसका उद्देश्य लचीला बुनियादी ढांचा बनाना और समावेशी और टिकाऊ औद्योगिकीकरण को बढ़ावा देना है।


 आकांक्षा 
हेड क्रिएटिव टीम 
आरजेएस पीबीएच
8368626368










 प्रेस विज्ञप्ति 7/10/2024


नवरात्र में आरजेएस पीबीएच के पाॅजिटिव मीडिया पब्लिक एड्रेस सिस्टम पर हुआ वाद-संवाद .

पाॅजिटिव मीडिया पब्लिक एड्रेस सिस्टम का प्रयोगात्मक परीक्षण 8 अक्टूबर को.

नई दिल्ली। राम जानकी संस्थान पॉजिटिव ब्रॉडकास्टिंग हाउस (आरजेएस पीबीएच)  सकारात्मक भारत -उदय वैश्विक आंदोलन से जनता- जनार्दन को जोड़ने के लिए नवरात्र पर्व के पावन अवसर एक बड़ी मुहिम शुरू करने जा रहा है। इसी के मद्देनजर 6 अक्टूबर 2024 को ऑनलाइन बैठक का आयोजन हुआ और विभिन्न मुद्दों को जनता के बीच ले जाने पर वाद-संवाद हुआ। तय हुआ कि 8 अक्टूबर को सायं 3 बजे नई दिल्ली के संसद मार्ग स्थित सरदार पटेल की प्रतिमा पर पाॅजिटिव मीडिया पब्लिक एड्रेस सिस्टम का प्रयोगात्मक परीक्षण होगा।
बैठक के मुख्य अतिथि डा.नरेश चावला उपाध्यक्ष दिल्ली मेडिकल काउंसिल सहित आरजेएशिएन्स वक्ताओं में डा.ओमप्रकाश ,राजेन्द्र सिंह कुशवाहा, लक्ष्मण प्रसाद,सत्येंद्र -सुमन त्यागी, प्रमोद अग्रवाल,डा.मुन्नी कुमारी ,दिनेश कुशवाहा, इसहाक खान, ब्रजकिशोर, सुशीला रंजन और प्रदीप बघेल आदि शामिल रहे।
इसमें ये बात उभरकर सामने आई कि पाॅजिटिव मीडिया पब्लिक एड्रेस सिस्टम को विश्व को बचाने की जिम्मेदारी निभाने में‌ अपनी भागीदारी का समय आ गया है । आरजेएस युवा टोली और सूचना केन्द्र , पटना से अनुरोध किया गया कि वरिष्ठ आरजेएशिएन्स के साथ मंथली बैठक कर उनके अंदर के अकेलेपन को दूर कर उत्साह भरने में मददगार बनें। इसे अन्य स्थानों पर भी लागू किया जाएगा।
आरजेएस पीबीएच के संस्थापक व राष्ट्रीय संयोजक उदय कुमार मन्ना ने बताया कि सकारात्मक वर्ष 2024-25 में पाॅजिटिव मीडिया पब्लिक एड्रेस सिस्टम (पीएएस)जनाकांक्षाओं और सकारात्मक आंदोलन के बीच सेतु का काम करेगा ताकि विश्व में सकारात्मक माहौल बने।
आज विश्व कई तरह की चुनौतियों का सामना कर रहा है। पीएएस के वाद-संवाद में नकारात्मकता से सकारात्मकता की ओर ध्यान दिलाया जाएगा। 
इन सब घटनाओं का दस्तावेजीकरण डिजिटल मोड़ में यूट्यूब पर और प्रिंट में न्यूजलेटर तथा पुस्तक में दर्ज किया जाएगा।
आगामी गणतंत्र दिवस और 
प्रवासी भारतीय दिवस के उपलक्ष्य में 19 जनवरी 2025 को भारत-वंदन वसुधैव कुटुम्बकम् कार्यक्रम से पूर्व संवाददाता सम्मेलन का भी आयोजन किया जाएगा।इस आयोजन में 200 आरजेसियंस के बीच 200 पृष्ठों का "अमृत काल का सकारात्मक भारत-उदय ग्रंथ 04" नामक पुस्तक और पोस्टर का विमोचन होगा।
पाॅजिटिव मीडिया पीएएस में सकारात्मक आंदोलन की प्रमुख बातों पर पब्लिक की प्रतिक्रिया यूट्यूब पर अपलोड कर दुनिया तक पहुचाई जाएगी ताकि विश्व में सकारात्मक बदलाव संभव हो। 

                                                                                                                                  
                                                                                                                                                                     आकांक्षा 
                                                                                                                                                               हेड क्रिएटिव टीम 
                                                                                                                                                              आरजेएस पीबीएच 
                                                                                                                                                                 8368626368



 












प्रेस विज्ञप्ति 29/09/2024

आरजेएस पीबीएच का विश्व हृदय दिवस पर 266वां कार्यक्रम में चार मैनिफेस्टो वारियर्स सम्मानित

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