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 प्रेस विज्ञप्ति 15/10/2024

विश्व मानक दिवस पर आरजेएस पीबीएच कार्यक्रम माता रामरती देवी मंदिर के सहयोग से संपन्न 

नई दिल्ली। राम जानकी संस्थान पॉजिटिव ब्रॉडकास्टिंग हाउस (आरजेएस पीबीएच) और आरजेएस पॉजिटिव मीडिया द्वारा माता राम रती देवी मंदिर कृषक प्रयोगशाला और कृषक पर्यटन स्थल के संस्थापक राजेन्द्र सिंह कुशवाहा के सहयोग से संस्थापक व राष्ट्रीय संयोजक उदय मन्ना के संयोजन व संचालन में 
विश्व मानक दिवस 2024 का आयोजन किया गया।
इस साल 2024 की थीम "बेहतर दुनिया के लिए साझा दृष्टिकोण पर केंद्रित है, जिसमें प्रभावी मानकों के ज़रिए स्वास्थ्य और कल्याण के मुद्दों को संबोधित किया गया।"
कार्यक्रम के आरंभ में विश्व मानक दिवस 2024 पर 
केंद्रीय मंत्री उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण और  नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा प्रह्लाद जोशी की विडियो के संपादित अंश सुनवाए गए।
 उन्होंने कहा कि 
आज 22,300 से अधिक मानक लागू हैं और 94 प्रतिशत भारतीय मानकों को आईएसओ और आईएसई मानकों के साथ सुसंगत बनाया जा रहा है। 
कार्यक्रम के सह-आयोजक राजेन्द्र सिंह कुशवाहा ने सभी अतिथियों प्रो.बिजाॅन कुमार मिश्रा, अंतर्राष्ट्रीय कंज्यूमर नीति विशेषज्ञ,डा.प्रसन्ना कुमार, प्राध्यापक (निफ्टेम)व कृषि एवं पर्यावरण विज्ञान विभाग, खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय, भारत सरकार,डा.आर के‌ भारती, संयुक्त निदेशक एमएसएमई डीएफओ, एमएसएमई मंत्रालय, भारत सरकार और रजनीश गोयनका चेयरमैन एमएसएमई डेवलपमेंट फोरम का स्वागत किया।
वेबिनार में व्यापार, आर्थिक विकास और उत्पाद विश्वसनीयता में मानकों के महत्व पर ध्यान केंद्रित किया गया, जिसमें भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) की भूमिका और बीआईएस अधिनियम, 2016 के कार्यान्वयन पर चर्चा की गई। विनिर्माण में गुणवत्ता मानकों के महत्व और वैश्विक स्तर पर उच्च गुणवत्ता वाली दवाओं की आपूर्ति करने के लिए भारतीय लघु और मध्यम आकार के उद्यमों (एसएमई) की क्षमता पर भी जोर दिया गया। अंत में, बैठक में निफ्टम में खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता कार्यक्रम, आलू उत्पादों में मूल्य संवर्धन की संभावना और छोटे और सूक्ष्म व्यवसायों को बढ़ावा देने के लिए सरकारी वित्तपोषण की आवश्यकता पर भी चर्चा की गई।
 निफ्टम में खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता कार्यक्रम पर चर्चा हुई, जिसमें बी.टेक, एम.टेक, पीएचडी और एमबीए प्रशिक्षण, इनक्यूबेशन और उद्यमिता शामिल है। कार्यक्रम के सतत विकास पर ध्यान केंद्रित करने पर प्रकाश डाला, विशेष रूप से लक्ष्य 9, जिसका उद्देश्य लचीला बुनियादी ढांचा बनाना और समावेशी और टिकाऊ औद्योगिकीकरण को बढ़ावा देना है।


 आकांक्षा 
हेड क्रिएटिव टीम 
आरजेएस पीबीएच
8368626368



 

प्रेस विज्ञप्ति 13/10/2024

विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के उपलक्ष्य में आरजेएस पीबीएच कार्यक्रम आयोजित हुआ 

आरजेएस द्वारा मानसिक स्वास्थ्य पर प्रकृति का नियम और मेडिकल साइंस पर परिचर्चा 

सकारात्मक व्यक्तित्व रतन टाटा को आरजेसियंस ने दी 
श्रद्धांजलि 

नई दिल्ली। आज राम जानकी संस्थान पॉजिटिव ब्रॉडकास्टिंग हाउस (आरजेएस पीबीएच)द्वारा संस्थापक उदय कुमार मन्ना के संयोजन में आरजेएस पीबीएच का 271 वां वेबीनार "कार्य स्थल पर मानसिक स्वास्थ्य" विषय पर आयोजित की गई । आज कल आत्महत्या हो रही है। कर्मचारियों पर टारगेट पूरा करने का दबाव है । कार्यक्रम के सह- आयोजक और दीदेवार जीवन ज्योति के संस्थापक सुरजीत सिंह दीदेवार जी  ने कहा कि हम कार्यस्थल अपने दिल को मन-बुद्धि पर हावी न होने दें । हमें जितनी चादर है उतने पैर तो फैलायें। लेकिन हमें सीमित साधनों में अपने साधन कैसे बढ़ायें इस पर चिंतन करना होगा । उन्होंने बताया कि प्रकृति के नियम से कैसे मानसिक स्वास्थ्य प्राप्त किया जा सकता है यानी आहार विहार प्राकृतिक रखा जाए ।‌भोजन और विचार हमारे शारीरिक को मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं इसीलिए सकारात्मक विचार सभी के लिए शाश्वत है।
 मुख्य अतिथि डा. सुनील मित्तल कन्सलटेंट साईकियाट्रिस्ट और साईकोथिरेपिस्ट  ने कहा कि लोग काम, समय और क्षमता में तालमेल न बैठाने से मानसिक रूप से बीमारी का शिकार हो रहे हैं । उन्होंने सलाह दी कि रात में जल्दी सोयें और अगले दिन उठें।योग-व्यायाम और संतुलित आहार विहार करें और खुद का ध्यान रखें । उन्होने बंगलौर में महिला कर्मचारी द्वारा टारगेट पूरा न कर पाने पर आत्महत्या का उदाहरण दिया ।  बड़े बुजुर्गों और युवा लोगों से बातचीत का सुझाव दिया । मेडिकल सोशल ऐक्टिविस्ट व दिल्ली मेडिकल काउंसिल के उपाध्यक्ष डा. नरेश चावला  ने कहाकि हमें शिक्षा पद्धति में बदलाव करने की जरूरत है । बच्चों को बचपन से ही फ्री माइंड से शिष्टाचार सिखाने की जरूरत है । हमें लोगों की भलाई के काम करने चाहिये । खुद का उदाहरण दिया कि वो 138 दफे रक्त दे चुके हैं । जापान में बच्चों को शिष्टाचार की शिक्षा देते हैं कि बड़ों से कैसे बात करें उनका सम्मान करना सिखाते हैं । कार्यक्रम में सतेन्द्र सुमन त्यागी और दुर्गादास आजाद , इसहाक खान,डा मुन्नी, डा.हरीश खुराना ,आर एस कुशवाहा , आकांक्षा ,मयंक आदि शामिल हुए । कार्यक्रम संचालक उदय मन्ना जी ने टेक्नीकल टीम को धन्यवाद दिया और 14 अक्टूबर 2024 को सायं 5 बजे होने वाले विश्व मानक दिवस और धम्म चक्र प्रवर्तन दिवस कार्यक्रम की जानकारी दी तथा सभी से ज्वाइन करने की अपील की ।

आकांक्षा 
हेड आरजेएस पीबीएच 
आरजेएस पीबीएच
8368626368














 प्रेस विज्ञप्ति 13/10/2024

नवरात्र में मां के नौ स्वरूपों में है मानव‌ कल्याण - साधक ओमप्रकाश 
 विजयादशमी पर आरजेएस कार्यक्रम में ब्रह्मकुमारी जानकी ने कहा मनोविकारों पर विजय पाने का संकल्प लें।

विजयदशमी पर आरजेएस वेबिनार में भारत की चारों दिशाओं से गूंज उठी सकारात्मकता की बयार 

नई दिल्ली। रावण और महिषासुर का अंत गवाह है कि धर्म और अहंकार का अंत निश्चित है। वहीं दुर्गा पूजा पर हम नारियों के सम्मान का संकल्प लें। विजयदशमी पर 12 अक्टूबर 2024 को राम-जानकी संस्थान पाॅजिटिव ब्राॅडकास्टिंग हाउस ,नई दिल्ली के संस्थापक उदय कुमार मन्ना के संयोजन और संचालन में नकारात्मकता पर सकारात्मकता का विजयोत्सव विषय पर 270 वां वेबिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भारत की चारों दिशाओं से लोग शामिल हुए।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि ब्रह्माकुमारी सेंटर विपिन गार्डन, दिल्ली की प्रभारी बीके जानकी ने कहा कि रावण और महिषासुर मनोविकारों का प्रतीक है । काम, क्रोध, मद, लोभ ,अहंकार और नकारात्मकता जैसे मनोविकारों पर विजय पाना ही विजयदशमी का विजयोत्सव है।
 जीवनसतोगुण प्रधान बनता है तो सोई हुई इंद्रियां जागृत होती हैं और आत्मा सतोगुण से परिपूर्ण हो जाती है ।जब इस तरह आत्मा देवगुणों से भर जाती है, तो दैवीय शक्तियां जागृत हो जाती हैं। 
आरजेएस युवा टोली, पटना के प्रेरणास्रोत साधक ओमप्रकाश जी ने नवरात्र के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने नौ माताओं के स्वरूपों शैलपुत्री ,ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कुष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी ,कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री की शक्तियों को जागृत करने का आह्वान किया।
उन्होंने मनुष्य के अंदर की नकारात्मकता को दूर करने के लिए कई तरह की साधना करने के उपाय बताए। उन्होंने कृष्ण और राधा के शाश्वत प्रेम के मर्म को समझाया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के राजभाषा समिति के सदस्य डॉ हरि सिंह पाल ने कहा कि नवरात्र और दशहरा के अवसर पर हम संकल्प लें कि हमारे मन में जो महिषासुर और रावण है उसका हम दहन करें ।उन्होंने कहा कि वो अगर सकारात्मकता के क्षेत्र में नहीं आते तो परंपरागत कार्यों को कर रहे होते और विश्व स्तर पर कार्य करने का अवसर नहीं मिलता। 
एक स्वामी जी की प्रेरणा से बचपन में ही उन्होंने गांव में दस विकारों को दूर करने के लिए रामलीला करवाना शुरू कर दिया ।उनका मानना था कि गांव में भी उत्थान का कार्य किया जा सकता है जो सकारात्मक है।
आरजेएस पीबीएच के कार्यक्रम में भारत की चारों दिशाओं से जुड़े लोगों ने अपने-अपने सकारात्मक विचारों से भी प्रतिभागियों को परिचित कराया। इनमें प्रमुख है सुरजीत सिंह दीदेवार,आर एस कुशवाहा, कुलदीप राय ,सुदीप साहू, डॉ मुन्नी कुमारी ,डॉ सुनील कुमार , डॉ पुष्पा सिंह ,डॉक्टर शशि तिवारी, सुमन कुमारी, आकांक्षा ,मयंक,वैभव भारद्वाज, सत्येंद्र त्यागी, दीनबंधु,सोनू कुमार और सुशील रंजन जो अलग-अलग प्रदेशों से जुड़े।

आकांक्षा 
हेड क्रिएटिव टीम 
आरजेएस पीबीएच
8368626368






प्रेस विज्ञप्ति 10/10/2024

आरजेएस पीबीएच का पब्लिक एड्रेस सिस्टम 
सकारात्मक आंदोलन और प्रवासियों व भारतीयों के बीच सेतु बनेगा.

आरजेएस पीबीएच तैयार कर रहा है सकारात्मक आंदोलन का दस्तावेज. 

अबकी बार यादगार रहेगा 
गणतंत्र व प्रवासी भारतीय दिवस का अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रम.

नई दिल्ली। राम जानकी संस्थान पॉजिटिव ब्रॉडकास्टिंग हाउस (आरजेएस पीबीएच) दुनिया में सकारात्मक सोच के आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रयासरत है। आरजेएस पीबीएच के राष्ट्रीय संयोजक उदय कुमार मन्ना ने बताया कि अमृत काल का सकारात्मक भारत-उदय के 270 में संस्करण में 9 अक्टूबर को गणतंत्र दिवस और प्रवासी भारतीय दिवस की तैयारियों पर ऑनलाइन वाद- संवाद का आयोजन किया गया। सत्येंद्र -सुमन त्यागी, ब्रज किशोर ने कहा कि सकारात्मक आंदोलन से जुड़ने का अभी समय है , सही समय है। कार्यक्रम में सुशीला रंजन और प्रदीप बघेल भी शामिल रहे।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि 85 वर्षीय साधक ओम प्रकाश जी ने नवरात्र के नौ देवियों का आह्वान करते हुए आरजेसियंस से एकजुटता का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सकारात्मक सोच का आंदोलन , विश्व शांति के लिए कृतसंकल्प है। 
उन्होंने विजयदशमी के दिन 12 अक्टूबर को "नकारात्मकता पर सकारात्मक का विजयोत्सव" के ऑनलाइन कार्यक्रम में सायं 5 बजे जुटने का आह्वान किया।
आरजेएस पीबीएच न्यूज लेटर के अतिथि संपादक राजेंद्र सिंह कुशवाहा ने अपने-अपने ग्रुप में कार्यक्रम के सह-आयोजकों  से आरजेएस पीबीएच के कार्यक्रम में लोगों को जोड़ने का प्रस्ताव किया,जो मंजूर हो गया। इसके साथ साथ उन्होंने जगह-जगह से आरजेसियंस के संवाद को आरजेएस पीबीएच स्टूडियोज से प्रसारण का अनुरोध किया जिसे विचार विमर्श के बाद लागू किया जा सकता है। आरजेएस ऑब्जर्वर दीप माथुर ने कहा  कि गणतंत्र दिवस व  प्रवासी भारतीय दिवस के उपलक्ष्य में 19 जनवरी 2025 को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रम की तैयारियों में 
पाॅजिटिव मीडिया पब्लिक ऐड्रेस सिस्टम प्रभावी साबित होगा। उन्होंने आशा  सकारात्मक आंदोलन की कोशिशों को पुलिस व जनता का भरपूर समर्थन मिलेगा। उन्होंने कहा कि हम जब भी हम पाॅजिटिव मीडिया पब्लिक मीटिंग करें,हमारा दृष्टिकोण और नजरिया बहन-भाई से मिलने और बातें करने का रहे।
एडवोकेट सुदीप साहू ने कहा कि भारी संख्या में गैदरिंग होने की संभावना होने की स्थिति में  पुलिस -प्रशासन को सूचित करना एहतियातन व सराहनीय कदम है।

आकांक्षा 
हेड क्रिएटिव टीम 
आरजेएस पीबीएच 
8368626368 









 प्रेस विज्ञप्ति 7/10/2024


नवरात्र में आरजेएस पीबीएच के पाॅजिटिव मीडिया पब्लिक एड्रेस सिस्टम पर हुआ वाद-संवाद .

पाॅजिटिव मीडिया पब्लिक एड्रेस सिस्टम का प्रयोगात्मक परीक्षण 8 अक्टूबर को.

नई दिल्ली। राम जानकी संस्थान पॉजिटिव ब्रॉडकास्टिंग हाउस (आरजेएस पीबीएच)  सकारात्मक भारत -उदय वैश्विक आंदोलन से जनता- जनार्दन को जोड़ने के लिए नवरात्र पर्व के पावन अवसर एक बड़ी मुहिम शुरू करने जा रहा है। इसी के मद्देनजर 6 अक्टूबर 2024 को ऑनलाइन बैठक का आयोजन हुआ और विभिन्न मुद्दों को जनता के बीच ले जाने पर वाद-संवाद हुआ। तय हुआ कि 8 अक्टूबर को सायं 3 बजे नई दिल्ली के संसद मार्ग स्थित सरदार पटेल की प्रतिमा पर पाॅजिटिव मीडिया पब्लिक एड्रेस सिस्टम का प्रयोगात्मक परीक्षण होगा।
बैठक के मुख्य अतिथि डा.नरेश चावला उपाध्यक्ष दिल्ली मेडिकल काउंसिल सहित आरजेएशिएन्स वक्ताओं में डा.ओमप्रकाश ,राजेन्द्र सिंह कुशवाहा, लक्ष्मण प्रसाद,सत्येंद्र -सुमन त्यागी, प्रमोद अग्रवाल,डा.मुन्नी कुमारी ,दिनेश कुशवाहा, इसहाक खान, ब्रजकिशोर, सुशीला रंजन और प्रदीप बघेल आदि शामिल रहे।
इसमें ये बात उभरकर सामने आई कि पाॅजिटिव मीडिया पब्लिक एड्रेस सिस्टम को विश्व को बचाने की जिम्मेदारी निभाने में‌ अपनी भागीदारी का समय आ गया है । आरजेएस युवा टोली और सूचना केन्द्र , पटना से अनुरोध किया गया कि वरिष्ठ आरजेएशिएन्स के साथ मंथली बैठक कर उनके अंदर के अकेलेपन को दूर कर उत्साह भरने में मददगार बनें। इसे अन्य स्थानों पर भी लागू किया जाएगा।
आरजेएस पीबीएच के संस्थापक व राष्ट्रीय संयोजक उदय कुमार मन्ना ने बताया कि सकारात्मक वर्ष 2024-25 में पाॅजिटिव मीडिया पब्लिक एड्रेस सिस्टम (पीएएस)जनाकांक्षाओं और सकारात्मक आंदोलन के बीच सेतु का काम करेगा ताकि विश्व में सकारात्मक माहौल बने।
आज विश्व कई तरह की चुनौतियों का सामना कर रहा है। पीएएस के वाद-संवाद में नकारात्मकता से सकारात्मकता की ओर ध्यान दिलाया जाएगा। 
इन सब घटनाओं का दस्तावेजीकरण डिजिटल मोड़ में यूट्यूब पर और प्रिंट में न्यूजलेटर तथा पुस्तक में दर्ज किया जाएगा।
आगामी गणतंत्र दिवस और 
प्रवासी भारतीय दिवस के उपलक्ष्य में 19 जनवरी 2025 को भारत-वंदन वसुधैव कुटुम्बकम् कार्यक्रम से पूर्व संवाददाता सम्मेलन का भी आयोजन किया जाएगा।इस आयोजन में 200 आरजेसियंस के बीच 200 पृष्ठों का "अमृत काल का सकारात्मक भारत-उदय ग्रंथ 04" नामक पुस्तक और पोस्टर का विमोचन होगा।
पाॅजिटिव मीडिया पीएएस में सकारात्मक आंदोलन की प्रमुख बातों पर पब्लिक की प्रतिक्रिया यूट्यूब पर अपलोड कर दुनिया तक पहुचाई जाएगी ताकि विश्व में सकारात्मक बदलाव संभव हो। 

                                                                                                                                  
                                                                                                                                                                     आकांक्षा 
                                                                                                                                                               हेड क्रिएटिव टीम 
                                                                                                                                                              आरजेएस पीबीएच 
                                                                                                                                                                 8368626368



 






प्रेस विज्ञप्ति 5/10/2024


हार्वे बाल की स्मृति में आरजेएस पीबीएच द्वारा विश्व मुस्कान दिवस पर कार्यक्रम आयोजित.

"मुझको ऐसा दुल्हा देना भोला-भंडारी" कविता से कीर्ति काले ने हास्य का समां बांधा.

कुलदीप राय और सत्येंद्र -सुमन त्यागी की युगल जोड़ी ने आरजेसियंस को खुब हंसाया.

नई दिल्ली। राम जानकी संस्थान पॉजिटिव ब्रॉडकास्टिंग हाउस (आरजेएस पीबीएच) और और आरजेएस पॉजिटिव मीडिया के संस्थापक व संयोजक उदय कुमार मन्ना के संयोजन व संचालन में विश्व मुस्कान दिवस पर 268 वां कार्यक्रम शुक्रवार 4 अक्टूबर 2024 को मनाया गया।
कार्यक्रम के सह आयोजक और पॉजिटिव एम्बेसडर सत्येंद्र त्यागी और सुमन त्यागी ने हास्य नमस्कार और प्रभु स्मरण के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया इसके बाद उन्होंने गीता पाठ का संदेश दिया । विश्व मुस्कान दिवस पर उन्होंने अपनी हास्य प्रस्तुति करते हुए कहा कि दिन में  खाना खाएं आधा, पानी दुगना ,योग तिगुणा और हंसिए- मुस्कुराइए चार गुना । एक,दो, तीन ,चार, दिन में हंसें बार-बार। इस तरह के हास्य संदेश के साथ जुगल जोड़ी ने सभी अतिथियों मुख्य अतिथि कवयित्री कीर्ति काले और मुख्य वक्ता लाफ्टर एंबेसडर कुलदीप राय सहित धन्यवाद ज्ञापन के लिए उपस्थित वरिष्ठ ओबैसिटी फिजियोथैरेपिस्ट डॉ. प्रीती त्यागी का स्वागत किया।
तत्पश्चात मुख्य अतिथि प्रख्यात कवयित्री और लेखिका कीर्ति काले ने मुस्कान दिवस की बधाई देते हुए कहा कि हमें मुस्कुराहट को जीवन में अपनाना चाहिए ।आरजेएस पीबीएच की तारीफ करते हुए कहा कि यह संस्था लंबे समय से विश्व स्तर पर सकारात्मक संदेश दे रही है, जिसकी आज समाज को बेहद आवश्यकता है।  पति में आजकल की लड़कियां क्या देखती हैं ,इसपर उन्होंने हास्य कविता प्रस्तुत की - "मुझको ऐसा दूल्हा देना भोला भंडारी,
पत्नी सेवा की लगी हो जिसको बीमारी।"
इस अवसर पर आरजेएस पीबीएच के पूर्व कार्यक्रम में प्रस्तुत कविता-पाठ की विडियो टेक्निकल टीम ने साझा किया।
मुख्य वक्ता लाफ्टर एंबेसडर कुलदीप राय ने कहा कि वर्ल्ड स्माइल डे के संस्थापक हार्वे  बाल जो एक आर्टिस्ट थे ,ने 1963 में स्माइली चित्र बनाया था- एक गोल हंसता हुआ चेहरा ,जिसमें दो आंखें और मुस्कुराते होंठ थे।
 श्री राय ने वेबिनार में प्रतिभागियों के साथ वही आकृति एक उंगली आकाश में घूमाकर हंसते हुए बनवाई। 
फिर लाफ्टर एंबेसडर कुलदीप राय ने स्माइली लाफ्टर करवाया। होठों के एक तरफ अंगूठा और दूसरी तरफ उसके साथ वाली उंगली रखकर बिग स्माइल करके हंसना बताया ।उन्होंने बताया कि मुस्कुराने से दयालुता , सद्भावना और सकारात्मकता बढ़ती है ।जब हम सकारात्मक होंगे तभी तो शांति के बारे में सोचेंगे और हमारे रिश्तो में सुधार होंगे ,अजनबियों से दूरी कम होगी। 
उन्होंने इस साल की थीम "दयालुता का कार्य करें एक व्यक्ति को मुस्कुराने में मदद करें" पर आधारित एक गाना भी गया - किसी की मुस्कुराहटों पर हो निसार..... आरजेएस पीबीएच के अतिथि संपादक राजेंद्र सिंह कुशवाहा के प्रश्नों का उत्तर देते हुए उन्होंने नसों को खोलने के लिए , टैपिंग एक्सरसाइज करके दिखाए और  हंसने का तरीका भी बताया ।पहले 
छोटी हंसी, फिर बिग हंसी । टैपिंग से नसों में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है ।बीपी कम होता है और शुगर नॉर्मल हो जाती है ।


                                                                                                                                                                 
                                                                                                                                                                     आकांक्षा 
                                                                                                                                                               हेड क्रिएटिव टीम 
                                                                                                                                                              आरजेएस पीबीएच 
                                                                                                                                                                 8368626368



                                                 






 प्रेस विज्ञप्ति 4/10/2024


आरजेसियंस द्वारा नवरात्रि व दशहरा पर्व का हुआ शुभारंभ ,विजयादशमी पर होगा समापन.

ब्रह्माकुमारीज जमशेदपुर ,आरजेएस युवा टोली, पटना और ऑस्ट्रेलिया की लेक्चरर ने असत्य पर सत्य की विजय का संदेश दिया 

नई दिल्ली। राम जानकी संस्थान पॉजिटिव ब्रॉडकास्टिंग हाउस (आरजेएस पीबीएच) और आरजेएस पाॅजिटिव मीडिया का  3 अक्टूबर2024 को संस्थापक व राष्ट्रीय संयोजक उदय कुमार मन्ना के संयोजन और संचालन में भारत-वंदन वसुधैव कुटुम्बकम् के विश्व संदेश के साथ असत्य पर सत्य का विजयोत्सव : नवरात्रि व दशहरा पर्व उत्सव प्रारंभ हुआ। 
कार्यक्रम की रूपरेखा व संरचना आरजेएस युवा टोली, पटना के साधक ओमप्रकाश ने तैयार की।
आरजेएस पीबीएच सकारात्मक भारत-उदय वैश्विक आंदोलन में आस्ट्रेलिया सहित देश के अनेक राज्यों से श्रद्धालु जुड़े। कार्यक्रम में श्लोक सुविचार और स्वागत भाषण अभीप्सा स्पेशल स्कूल, पटना के प्रिंसिपल वैभव भारद्वाज ने दिया जबकि धन्यवाद ज्ञापन रैना इंफोटेक, राजेन्द्र नगर पटना के निदेशक व फैकल्टी दिलिप वर्मा ने किया।
आरजेएस पीबीएच परिवार की ओर से गांधी -शास्त्री जयंती पर उनकी स्मृति को गांधी मार्ग के संपादक मनोज झा ने नमन् किया।

मुख्य अतिथि ब्रह्माकुमारी अंजू दीदी , यूनिवर्सल पीस पैलेस ब्रह्मकुमारीज जमशेदपुर और झारखंड स्थित कोल्हान क्षेत्र, ब्रह्मकुमारीज संस्थान की कोऑर्डिनेटर ने आरजेएस पीबीएच वेबिनार में कहा कि देवताओं की रक्षा के लिए मां दुर्गा ने असुर का संहार किया। वो शक्ति दायिनी हैं। आज भी समाज में नारी में आध्यात्मिक सशक्तिकरण चाहिए। किस कार्य के लिए परमात्मा ने हमें दुनिया में भेजा है हम आत्म परिवर्तन कर विश्व में बदलाव ला सकते हैं ।अगर हमारे दृष्टिकोण सकारात्मक होंगे तो हमारे बोल और व्यवहार भी ऊंचे होंगे ।हम बदलेंगे तो जग बदलेगा। 
नवरात्रि व दशहरा पर्व हमारे मन और शरीर की शुद्धि का अवसर है। उन्होंने व्रत-उपवास का महत्व  और स्वस्थ-स्वच्छ खान-पान व अच्छी नींद से मन की शांति का उपाय बताया।

मुख्य वक्ता आरजेएस युवा टोली ,पटना के साधक पचासी वर्षीय ओमप्रकाश ने "असत्य पर सत्य का विजयोत्सव" विषय पर माता के नौ रूपों का वर्णन पीपीटी से प्रस्तुत किया जो बहुत ही प्रेरक था। इन नौ रूपों में मां शैलपुत्री, मां ब्रह्मचारिणी, मां चंद्रघंटा, मां कूष्मांडा, मां स्कंदमाता, मां कात्यायनी, मां कालरात्रि, मां महागौरी और मां सिद्धिदात्री शामिल हैं।उन्होंने नवरात्रि व दशहरा पर्व में नकारा शक्तियों को सकारा बनाने पर बल दिया । उन्होंने कहा कि 3 अक्टूबर से आरजेएस पीबीएच का ये अभियान शुरू हो गया है और 12 अक्टूबर को "नकारात्मकता पर सकारात्मकता का विजयोत्सव: विजयादशमी विषय पर सायं 5 बजे वेबिनार किया जाएगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए आस्ट्रेलिया से जुड़ी लेक्चरर और लेखिका डा.श्वेता गोयल ने कहा कि आरजेएस पीबीएच भारतीय संस्कृति को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने कहा कि वो अपने पैरेंट्स व सुपुत्र के साथ ग्यारह अगस्त को आरजेएस पीबीएच के स्वतंत्रता दिवस समारोह में भारत-वंदन वसुधैव कुटुम्बकम कार्यक्रम में आई और हमें बहुत अच्छा लगा। 
नवरात्रि की चर्चा करते हुए कहा कि ये पर्व आंतरिक शक्ति को पहचानने का एक अवसर है। दशहरा हमें समर्पण, धैर्य और सत्य के बल पर कठिनाइयों पर विजय प्राप्त करने के लिए प्रेरित करता है।

                                                                                               
                                                                                                                                                                      आकांक्षा 
                                                                                                                                                              हेड, क्रिएटिव टीम 
                                                                                                                                                             आरजेएस पीबीएच 
                                                                                                                                                                 8368626368




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